
सियासत का एक बहुत पुराना और कड़वा सच है—जब तक चुनाव चलते हैं, तब तक आम आदमी राजा होता है। लेकिन जैसे ही वोटिंग मशीनें बंद होती हैं, असली खेल शुरू होता है।
पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केरल समेत 5 राज्यों के विधानसभा चुनाव खत्म हो चुके हैं। चुनावी नतीजे आ गए हैं और बीजेपी ने 5 में से 3 राज्यों में शानदार जीत दर्ज कर ली है।
लेकिन इस जीत के जश्न के बीच, देश की आम जनता की कमर तोड़ दी गई है। पेट्रोल और डीजल के दामों में सीधे ₹3 प्रति लीटर तक की भयानक बढ़ोतरी कर दी गई है। यह अचानक नहीं हुआ है, बल्कि यह उस जनता को एक ‘रिटर्न गिफ्ट’ है, जिसने अभी-अभी लाइन में लगकर अपने वोट डाले हैं।
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75 दिन का सस्पेंस और चुनावी राजनीति का खेल
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल (Crude Oil) का संकट आज का नहीं है। वेस्ट एशिया (Middle East) में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रहे तनाव के कारण पिछले 75 दिनों से ग्लोबल मार्केट में आग लगी हुई है।
लेकिन कमाल की बात देखिए! इन 75 दिनों में भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम एक पैसे भी नहीं बढ़े। क्यों? क्योंकि 5 राज्यों में चुनाव सिर पर थे।
अगर सरकार उस वक्त दाम बढ़ाती, तो जनता वोट के ज़रिए अपना गुस्सा निकालती। इसलिए, राजनीतिक नफा-नुकसान को देखते हुए इस ‘कड़वे घूंट’ को रोके रखा गया। अब जब 3 राज्यों में सत्ता पक्की हो गई है, तो महंगाई का यह बम आम जनता के सिर पर फोड़ दिया गया है।
महानगरों में क्या हैं पेट्रोल-डीजल के नए रेट?
पूरे देश में पेट्रोल ₹2.80 से लेकर ₹3.30 तक, और डीजल ₹2.80 से ₹3.10 तक महंगा कर दिया गया है। इसके अलावा आम आदमी के इस्तेमाल वाली LNG गैस पर भी ₹2 प्रति किलो बढ़ा दिए गए हैं।
| शहर (City) | पेट्रोल की नई कीमत (₹/Liter) | डीजल की नई कीमत (₹/Liter) |
|---|---|---|
| नई दिल्ली | ₹97.77 | ₹90.67 |
| कोलकाता | ₹108.74 | ₹99.00 (लगभग) |
| मुंबई | ₹3 से ज़्यादा की बढ़ोतरी | भारी बढ़ोतरी दर्ज |
| चेन्नई | ₹2.80 से ज़्यादा की बढ़ोतरी | भारी बढ़ोतरी दर्ज |
| लखनऊ | 97.51 रुपये | 90.79 रुपये |
Export to Sheets
(कोलकाता में पेट्रोल की कीमत ₹108 के पार पहुंच गई है, जो सबसे बड़े झटकों में से एक है।)
तेल कंपनियों का ‘घाटा’ और अंतरराष्ट्रीय बहाना
इस भारी बढ़ोतरी के पीछे सरकार और तेल कंपनियों का तर्क ग्लोबल क्राइसिस (Global Crisis) है। ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) ऑयल की कीमतें उछलकर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार जा चुकी हैं।
ईरान द्वारा ‘हॉर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) को आंशिक रूप से ब्लॉक कर दिया गया है। यह दुनिया का सबसे अहम समुद्री रास्ता है जहाँ से कच्चा तेल सप्लाई होता है। इस ब्लॉकेज की वजह से खाड़ी देशों से आने वाले तेल में रोज़ाना 1.4 करोड़ बैरल की कमी आ गई है।
भारत अपनी ज़रूरत का 80% कच्चा तेल बाहर से खरीदता है। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी ने साफ कह दिया था कि सरकारी तेल कंपनियां भारी घाटे में हैं। ब्लूमबर्ग (Bloomberg) की रिपोर्ट के मुताबिक, तेल कंपनियों को रोज़ाना 1000 करोड़ रुपये (Rs 10 Billion) का नुकसान हो रहा था।
लेकिन सवाल फिर वही उठता है—अगर नुकसान इतना भारी था, तो चुनावों के दौरान इसे क्यों छिपाया गया?
घटता कच्चा तेल: देश के सामने बड़ा संकट
डेटा फर्म Kpler की एक डराने वाली रिपोर्ट सामने आई है। फरवरी के अंत में विवाद शुरू होने के बाद से भारत का अपना कच्चे तेल का रिज़र्व (Crude Oil Stocks) 15% तक गिर चुका है।
पहले हमारे पास 107 मिलियन बैरल का स्टॉक था, जो अब खिसक कर 91 मिलियन बैरल रह गया है। यह एक खतरे की घंटी है जो बताती है कि आने वाले दिनों में कीमतें और भी भड़क सकती हैं।
प्रधानमंत्री मोदी की जनता से ‘त्याग’ की अपील
एक तरफ पेट्रोल-डीजल ने आम आदमी की जेब खाली कर दी है, तो दूसरी तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से ‘बलिदान’ और ‘बचत’ की अपील की है।
पीएम मोदी ने कहा है कि जनता को कोरोना काल (Covid Pandemic) जैसी सख्ती फिर से अपनानी होगी। उन्होंने जनता को ये सख्त हिदायतें दी हैं:
- पेट्रोल-डीजल बचाने के लिए कारपूलिंग (Carpooling) करें।
- ज़्यादा से ज़्यादा पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करें।
- दफ्तर जाने के बजाय वर्क-फ्रॉम-होम (Work-from-Home) और ऑनलाइन मीटिंग्स करें।
- विदेशी मुद्रा बचाने के लिए कम से कम एक साल तक सोना (Gold) न खरीदें और विदेशी छुट्टियां रद्द करें।
- किसानों से अपील की गई है कि वे डीजल पंप छोड़कर सोलर पंप अपनाएं और केमिकल खाद का इस्तेमाल आधा कर दें।
चेकलिस्ट (Checklist): आम आदमी के लिए सर्वाइवल गाइड
इस महंगाई के दौर में अपनी जेब को कटने से कैसे बचाएं, इसके लिए सनसनी की तरफ से कुछ ज़रूरी टिप्स:
- [ ] छोटी दूरियों के लिए बाइक या कार की जगह पैदल या साइकिल का इस्तेमाल करें।
- [ ] ऑफिस जाने के लिए सहकर्मियों के साथ कैब या कार शेयर (Carpool) करें।
- [ ] गाड़ी की सर्विसिंग समय पर कराएं और टायर प्रेशर सही रखें ताकि माइलेज बेहतर मिले।
- [ ] एसी (AC) का इस्तेमाल कम से कम करें।
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लंबे समय से स्थानीय मुद्दों, क्राइम और जनहित की अहम खबरों को बेबाकी से उठाने वाले अनवर हाशमी मुख्य रूप से तीन प्रमुख न्यूज़ पोर्टल्स— Sansani.in , cibilized.in और Aavaz.in के लिए कंटेंट का नेतृत्व करते हैं। डिजिटल न्यूज़ की दुनिया में सटीक तथ्य, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और आसान भाषा में जनता तक सच पहुँचाना ही उनकी पत्रकारिता का मुख्य विज़न है।
