
गेहूं खरीद 2026 को लेकर उत्तर प्रदेश और देश भर के लाखों किसानों के लिए एक बेहद राहत भरी खबर सामने आई है। बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि के कारण जिन किसान भाइयों की फसल खराब हो गई थी, उन्हें अब परेशान होने की बिल्कुल ज़रूरत नहीं है।
डबल इंजन सरकार ने किसानों की मेहनत का एक-एक दाना खरीदने के लिए बड़ा ऐतिहासिक फैसला लिया है। अब आपका चमकविहीन (बिना चमक वाला) और सिकुड़ा हुआ गेहूं भी सरकारी क्रय केंद्रों पर पूरे दाम में खरीदा जाएगा।
इस बार एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) के रेट में कोई भी कटौती नहीं की जाएगी। आइए, रबी विपणन वर्ष के इन नए नियमों और सरकारी सहूलियतों को विस्तार से समझते हैं।
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बेमौसम बारिश की मार और सरकार का ऐतिहासिक फैसला
पिछले कुछ हफ्तों में हुई बेमौसम बारिश ने खेतों में खड़ी और कटी हुई फसल को भारी नुकसान पहुँचाया है। दाने पतले पड़ गए और गेहूं की प्राकृतिक चमक भी पूरी तरह से चली गई है।
अक्सर ऐसे समय में आढ़ती और बिचौलिए किसानों की मजबूरी का फायदा उठाकर औने-पौने दाम पर फसल खरीदते हैं। लेकिन इस गेहूं खरीद 2026 में सरकार ने सीधे दखल देते हुए कड़े नियमों में भारी ढील दी है।
अब किसानों को बिचौलियों के पास जाने की कोई भी ज़रूरत नहीं है। आप अपना खराब या बदरंग गेहूं सीधा सरकारी क्रय केंद्र पर ले जाकर पूरे सरकारी रेट पर आसानी से बेच सकते हैं।
चमकविहीन और सिकुड़े गेहूं के लिए क्या हैं नए नियम?
यूपी के किसानों के हित में भारत सरकार ने गेहूं की गुणवत्ता मानकों (Quality Standards) में बहुत बड़ी छूट का ऐलान किया है।
नए आदेशों के मुताबिक, अब क्रय केंद्रों पर 70 प्रतिशत तक चमकविहीन गेहूं आसानी से स्वीकार किया जाएगा। इसके लिए किसान के खाते से एक भी रुपया या कोई भी कटौती नहीं की जाएगी।
इसके साथ ही, अगर आपके गेहूं में 20 प्रतिशत तक दाने टूटे या सिकुड़े हुए हैं, तो भी उसे एमएसपी पर ही खरीदा जाएगा। यह फैसला उन किसानों के लिए संजीवनी है जिनकी फसल पानी में भीग गई थी।
देश भर में खरीद का लक्ष्य 15% तक बढ़ाया गया
किसानों को सीधा फायदा पहुँचाने के लिए सरकार ने अपनी खरीद क्षमता को भी बढ़ा दिया है। खाद्य सचिव संजीव चोपड़ा ने हाल ही में नई दिल्ली में इसके नए लक्ष्यों की बड़ी घोषणा की।
इस बार देश के अन्न भंडार को सुरक्षित करने के लिए भारतीय खाद्य निगम (FCI) और खाद्य मंत्रालय ने कुल 3.45 करोड़ टन गेहूं खरीदने का नया और बड़ा लक्ष्य रखा है।
राज्यों के हिसाब से बात करें तो मध्य प्रदेश से 1 करोड़ टन, राजस्थान से 23.5 लाख टन और उत्तर प्रदेश से 2.5 करोड़ टन गेहूं की खरीद होने की पूरी संभावना है।
📊 यूपी गेहूं खरीद 2026 – राज्यों का नया लक्ष्य (Quick Facts Table)
विभिन्न राज्यों से कितनी खरीद होगी और किसानों के लिए क्या सुविधाएँ हैं, इसे आप इस आसान टेबल में समझ सकते हैं:
| ज़रूरी जानकारी (Details) | आंकड़े / नियम (Information) |
| नया राष्ट्रीय खरीद लक्ष्य | 3.45 करोड़ टन (15% की बढ़ोतरी) |
| यूपी (UP) का खरीद लक्ष्य | 2.5 करोड़ टन |
| मध्य प्रदेश (MP) का लक्ष्य | 1 करोड़ टन |
| चमकविहीन गेहूं की छूट | 70% तक बिना कटौती के मान्य |
| सिकुड़ा/टूटा गेहूं की छूट | 20% तक बिना कटौती के मान्य |
| खरीद की आखिरी तारीख | 15 जून 2026 |
| किसान हेल्पलाइन नंबर | 1800-1800-150 (टोल-फ्री) |
बिना सत्यापन वाले किसान भी मंडी में बेच सकेंगे फसल
बहुत से किसान भाई इस बात से परेशान थे कि उनका राजस्व और चकबंदी विभाग द्वारा अभी तक सत्यापन (Verification) नहीं हो पाया है। उनके लिए भी एक अच्छी खबर है।
नई व्यवस्था के तहत, अगर आपका सत्यापन पेंडिंग है, तो भी आप अपना गेहूं लेकर सीधे सरकारी क्रय केंद्र पर जा सकते हैं।
वहां मौजूद क्रय केंद्र प्रभारी खुद आपके राजस्व और चकबंदी अभिलेखों (कागज़ात) का मिलान करेंगे और आपका गेहूं खरीद लेंगे। आपको दफ्तरों के चक्कर काटने की कोई ज़रूरत नहीं है।
जो किसान भाई अभी तक पंजीकरण नहीं करा पाए हैं, वे यूपी खाद्य एवं रसद विभाग के ई-क्रय पोर्टल पर जाकर सीधे अपना ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं।
क्रय केंद्र जाने से पहले जान लें नए बायोमेट्रिक नियम
सरकार ने इस साल गेहूं तौलने और बेचने के सिस्टम को पूरी तरह पारदर्शी बना दिया है। मंडी जाने से पहले किसान भाई इस बात का भी खास ध्यान रखें कि इस बार पर्ची सिस्टम खत्म कर दिया गया है।
इसलिए, क्रय केंद्र पर जाने से पहले गेहूं खरीद के नए बायोमेट्रिक नियम ज़रूर जान लें, ताकि आपको वहां से खाली हाथ न लौटना पड़े।
सही जानकारी और ज़रूरी कागज़ात के साथ मंडी जाने से आपका बहुत सारा समय बचेगा और फसल की तौलाई भी जल्दी हो जाएगी।
खाद और सरकारी योजनाओं के लिए ज़रूरी है किसान आईडी
मंडी में फसल बेचने के साथ-साथ सरकार खेती-किसानी से जुड़ी अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं को भी डिजिटल कर रही है।
अगर आपके पास आधार और बैंक पासबुक है, तो यह भी सुनिश्चित करें कि आपने अपनी किसान आईडी बनवा ली है। याद रखें, यूपी में अब सरकारी योजनाओं और DAP खाद के लिए ‘किसान आईडी’ को भी अनिवार्य कर दिया गया है।
इसे बनवाने की प्रक्रिया बेहद आसान है और यह भविष्य में आपको बिना किसी परेशानी के सभी सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ दिलाएगी।
15 जून तक चलेगी खरीद, घर बैठे मिलेगा टोकन
किसानों की सुविधा के लिए यूपी के सभी जनपदों में गेहूं की खरीद 15 जून 2026 तक लगातार जारी रहेगी। सरकार का सख्त आदेश है कि हर हाल में किसानों का सारा गेहूं खरीदा जाए।
मंडियों में भीड़ से बचने के लिए किसान भाई अपनी सुविधा के अनुसार क्रय केंद्र प्रभारी से पहले ही ‘टोकन’ ले सकते हैं। इस टोकन पर लिखी तारीख को ही मंडी जाएं।
इसके अलावा, हर तरह की निगरानी के लिए यूपी के सभी 18 मंडलों में वरिष्ठ अधिकारियों को ‘नोडल अधिकारी’ बनाया गया है। ये अधिकारी लगातार मंडियों का दौरा करेंगे।
सभी 18 मंडलों में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को ‘नोडल अधिकारी’ नामित किया गया है। ये अधिकारी लगातार क्रय केंद्रों की निगरानी कर रहे हैं। अगर आप बिजनौर के निवासी हैं, तो आप जान सकते हैं कि बिजनौर के शीर्ष प्रशासनिक अधिकारी (Top Officers in Bijnor) किस तरह ज़िले की व्यवस्था और किसानों की समस्याओं को संभालते हैं।
✅ चेकलिस्ट: सरकारी मंडी जाने से पहले ये कागज़ात साथ रखें
इस गेहूं खरीद न्यूज़ 2026 को पढ़ने के बाद, मंडी जाने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि आपके पास ये ज़रूरी चीज़ें मौजूद हैं:
- आधार कार्ड: पहचान के लिए असली आधार कार्ड और उसकी फोटोकॉपी।
- बैंक पासबुक: जिस बैंक खाते में एमएसपी का पैसा आना है, उसकी साफ़ कॉपी।
- खतौनी / इंतखाब: आपके खेत के कागज़ात या चकबंदी अभिलेख।
- पंजीकरण रसीद: अगर आपने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन किया है, तो उसका प्रिंटआउट।
- टोकन: क्रय केंद्र प्रभारी से लिया गया तय तारीख वाला टोकन।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
सवाल 1: सरकार खराब या बिना चमक वाला गेहूं क्यों खरीद रही है?
जवाब: बेमौसम बारिश की वजह से किसानों का भारी नुकसान हुआ है। किसानों को आर्थिक संकट से बचाने और उन्हें एमएसपी (MSP) का पूरा लाभ देने के लिए सरकार ने मानकों में छूट दी है।
सवाल 2: क्या सिकुड़े हुए गेहूं का रेट कम मिलेगा?
जवाब: बिल्कुल नहीं! नई गेहूं खरीद न्यूज़ 2026 के अनुसार, 20% तक सिकुड़े या टूटे गेहूं और 70% तक बिना चमक वाले गेहूं पर कोई भी पैसा नहीं काटा जाएगा। आपको पूरा एमएसपी मिलेगा।
सवाल 3: यूपी में गेहूं बेचने की आखिरी तारीख क्या है?
जवाब: उत्तर प्रदेश के सभी सरकारी क्रय केंद्रों पर 15 जून 2026 तक बिना किसी रुकावट के गेहूं की खरीद की जाएगी।
सवाल 4: अगर क्रय केंद्र पर अधिकारी परेशान करे तो कहाँ शिकायत करें?
जवाब: किसान भाइयों की मदद के लिए सरकार ने टोल-फ्री नंबर 1800-1800-150 जारी किया है। आप यहाँ कॉल करके तुरंत अपनी शिकायत दर्ज़ करा सकते हैं।
लेखक/संपादक के बारे में:

अनवर हाशमी (चीफ एडिटर)
अनवर हाशमी ‘Sansani.in’ और ‘Aavaz.in’ के मुख्य संपादक हैं। खेती-किसानी, यूपी की ज़मीनी हकीकत, और जनहित के मुद्दों को बेबाकी से उठाना इनकी पत्रकारिता की पहचान है। उनका उद्देश्य हमेशा किसानों और आम आदमी तक सबसे सटीक और फायदेमंद जानकारी पहुँचाना है।
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