🚨 बिजनौर का ‘हानिकारक’ मास्टर: स्टील के पाइप से बच्चों की बेरहमी से पिटाई, खौफ के मारे 150 छात्रों ने छोड़ा स्कूल!

बिजनौर न्यूज़ की रिपोर्ट में एक खाली पड़े सरकारी स्कूल के क्लासरूम की तस्वीर, जहाँ टीचर की डेस्क पर खौफनाक स्टील का पाइप रखा है, जिसके डर से 150 बच्चों ने स्कूल छोड़ दिया।
खौफ का मंजर: सरकारी स्कूल का वो खाली क्लासरूम और मेज पर रखा वो ‘स्टील का पाइप’, जिसके डर से 150 मासूमों ने स्कूल की चौखट पर कदम रखना बंद कर दिया है।

बिजनौर (Sansani.in ग्राउंड रिपोर्ट): रिपोर्टर/संपादक: अनवर हाशमी

उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले से एक बेहद चौंकाने वाली और शर्मनाक खबर सामने आई है। यहाँ के एक सरकारी स्कूल में शिक्षा के नाम पर ऐसा खौफ पसरा है कि एक साथ 150 मासूम बच्चों ने स्कूल जाना ही बंद कर दिया है।

इस बड़ी बिजनौर न्यूज़ ने पूरे शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बच्चों और उनके माता-पिता का सीधा आरोप है कि स्कूल का एक शिक्षक छोटी-छोटी बातों पर जानवरों की तरह बर्ताव करता है और स्टील के पाइप से बच्चों की बेरहमी से पिटाई करता है।

गलियों में सहमे घूम रहे बच्चे, स्कूल जाने से साफ इनकार

जब ‘Sansani.in’ की टीम को इस मामले की भनक लगी और गाँव का जायज़ा लिया गया, तो स्कूल के समय में कई बच्चे गाँव की गलियों में खेलते हुए मिले।

उनसे जब स्कूल न जाने का कारण पूछा गया, तो मासूमों के चेहरों पर साफ खौफ नज़र आया। बच्चों ने कांपती हुई आवाज़ में बताया कि मास्टर ‘सौरभ’ उन्हें डंडों और स्टील के पाइप से बुरी तरह पीटता है।

स्कूल का नाम सुनते ही इन बच्चों के रोंगटे खड़े हो जाते हैं। बच्चों के मुताबिक, शिक्षक सौरभ का रवैया इतना सख्त और खौफनाक है कि कोई भी बच्चा उसकी क्लास में बैठने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है।

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अभिभावकों का आक्रोश: पूरा गाँव लामबंद, किया स्कूल का बॉयकाट

लगातार हो रही इस क्रूरता को लेकर जब गाँव वालों और अभिभावकों ने स्कूल जाकर मास्टर सौरभ से बात करनी चाही, तो हालात और बिगड़ गए।

ग्रामीणों का आरोप है कि शिक्षक सौरभ न केवल बच्चों के साथ, बल्कि शिकायत लेकर आने वाले माता-पिता के साथ भी बेहद अभद्र और अपमानजनक व्यवहार करता है। इस तानाशाही से परेशान होकर पूरे गाँव ने एक बड़ी पंचायत की और सामूहिक रूप से एक कड़ा फैसला लिया।

गाँव वालों ने ऐलान कर दिया कि जब तक इस ‘जल्लाद’ मास्टर को स्कूल से पूरी तरह हटाया नहीं जाता, तब तक स्कूल में नामांकित पूरे 150 बच्चों में से एक भी बच्चा स्कूल की चौखट पर कदम नहीं रखेगा।

BSA का छापा: मौके से नदारद मिला आरोपी शिक्षक

एक साथ 150 बच्चों के स्कूल छोड़ने की इस बिजनौर न्यूज़ ने जैसे ही ज़िला मुख्यालय में दस्तक दी, शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए बिजनौर के बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) सचिन कसाना खुद लाव-लश्कर के साथ मौके पर जाँच करने पहुँचे। जब BSA ने स्कूल का औचक निरीक्षण किया, तो आरोपी शिक्षक सौरभ स्कूल से ही गायब (अनुपस्थित) मिला।

प्रशासन ने तुरंत ग्राम प्रधान और भड़के हुए अभिभावकों की शिकायतें सुनीं और हालात का जायज़ा लिया।

प्रशासन का एक्शन: तीन अधिकारियों की जाँच कमेटी गठित

इस संवेदनशील मामले में बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) सचिन कसाना ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने तत्काल प्रभाव से आरोपी शिक्षक सौरभ को उस स्कूल के प्रभार (चार्ज) से हटा दिया है।

  • कमेटी का गठन: मामले की जड़ तक जाने और शिक्षक पर लगे गंभीर आरोपों की निष्पक्ष जाँच के लिए तीन ‘खंड शिक्षा अधिकारियों’ (BEO) की एक उच्च स्तरीय टीम गठित कर दी गई है।
  • नई तैनाती: स्कूल की व्यवस्था दोबारा पटरी पर लाने के लिए सौरभ की जगह दूसरी शिक्षिका ‘दीपा रानी’ को स्कूल की ज़िम्मेदारी सौंप दी गई है।
  • सख्त हिदायत: BSA ने स्कूल के बाकी स्टाफ को भी सख्त निर्देश दिए हैं कि बच्चों के साथ किसी भी प्रकार की शारीरिक या मानसिक प्रताड़ना बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

📌 विशेष जानकारी: बिजनौर ज़िले का प्रशासन कैसे काम करता है और अगर आपकी शिकायत नीचे के स्तर पर न सुनी जाए तो आपको किस बड़े अधिकारी (DM, SP, CDO) के पास जाना चाहिए? इसकी पूरी लिस्ट और अधिकारियों के डायरेक्ट कॉन्टैक्ट नंबर जानने के लिए, हमारे इंग्लिश न्यूज़ पोर्टल Aavaz.in की इस ताज़ा एक्सक्लूसिव रिपोर्ट को ज़रूर पढ़ें: 🏛️ The Real ‘Power Center’ of Bijnor: A Comprehensive Profile of the Top Officers in Bijnor

क्या कहता है कानून? (RTE Act)

शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) की धारा 17 के तहत किसी भी बच्चे को स्कूल में शारीरिक दंड (Physical Punishment) या मानसिक प्रताड़ना देना एक दंडनीय अपराध है। ऐसा करने वाले शिक्षक पर अनुशासनात्मक कार्रवाई के साथ-साथ पुलिस केस भी दर्ज किया जा सकता है।

ज़िद पर अड़े ग्रामीण: “ट्रांसफर नहीं, पूरी तरह से हटाओ”

प्रशासन ने भले ही मास्टर सौरभ से चार्ज छीन लिया हो, लेकिन बिजनौर के इस गाँव के लोगों का गुस्सा अभी शांत नहीं हुआ है।

अभिभावकों ने प्रशासन को साफ चेतावनी दी है कि वे सिर्फ चार्ज बदलने से संतुष्ट नहीं हैं। जब तक शिक्षक सौरभ का पूरी तरह से सस्पेंशन या दूसरे ज़िले में ट्रांसफर नहीं हो जाता, तब तक गाँव का बहिष्कार जारी रहेगा।

Sansani.in इस पूरी खबर पर अपनी नज़र बनाए हुए है। जाँच कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद शिक्षा विभाग क्या बड़ी कार्रवाई करता है, इसकी सबसे तेज़ अपडेट हम आप तक पहुँचाते रहेंगे।


लेखक/संपादक के बारे में:

अनवर हाशमी (चीफ एडिटर) अनवर हाशमी ‘Sansani.in’ और ‘Aavaz.in’ के मुख्य संपादक और प्रमुख लेखक हैं। स्योहारा और बिजनौर की ज़मीनी हकीकत, क्राइम इन्वेस्टिगेशन, और प्रशासनिक व्यवस्था की हर छोटी-बड़ी खबर को निडरता से जनता के सामने लाना इनकी पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य है। स्थानीय मुद्दों की गहरी समझ रखने वाले अनवर हाशमी की कलम हमेशा आम आदमी के हक और बेबाक सच के लिए चलती है।

📧 संपर्क करें: anwar@sansani.in


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